लिकोरिया (Leucorrhoea)
🧬 लिकोरिया क्या है?
लिकोरिया (Leucorrhoea) का मतलब है महिलाओं की योनि (vagina) से सफेद, पीले या हल्के हरे रंग का स्त्राव (discharge) होना।
थोड़ा बहुत सफेद स्त्राव सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर इसमें दुर्गंध हो, खुजली हो, जलन हो, या अधिक मात्रा में हो, तो यह संक्रमण (infection) या हार्मोनल असंतुलन का संकेत हो सकता है।
🤒 लिकोरिया क्यों होता है?
| कारण | विवरण |
| 🔹 फंगल, बैक्टीरियल या वायरल संक्रमण | योनि में बैक्टीरिया या फंगस के कारण |
| 🔹 सफाई की कमी | गुप्तांग की ठीक से सफाई न करना |
| 🔹 हार्मोन असंतुलन | मासिक धर्म या प्रेग्नेंसी के समय |
| 🔹 यौन संक्रामक रोग (STI/STD) | असुरक्षित यौन संबंध के कारण |
| 🔹 तनाव और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता | शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो |
| 🔹 अधिक दवाइयों का सेवन | एंटीबायोटिक या हार्मोनल दवाएं |
🛡️ लिकोरिया से कैसे बचें?
- हमेशा गुप्तांग की सफाई अच्छे से करें।
- साफ और सूती अंडरवियर पहनें।
- मासिक धर्म के दौरान सेनेटरी पैड बार-बार बदलें।
- असुरक्षित यौन संबंध न बनाएं।
- सार्वजनिक शौचालयों का उपयोग करते समय साफ-सफाई का ध्यान रखें।
- तनाव से बचें, नींद पूरी लें।
🔬 जांच (Diagnosis)
| जांच का नाम | क्यों की जाती है |
| 🔹 पेल्विक जांच (Pelvic Exam) | योनि में संक्रमण या सूजन की जांच के लिए |
| 🔹 योनि स्त्राव की जांच (Discharge Microscopy & Culture) | बैक्टीरिया या फंगल संक्रमण की पुष्टि के लिए |
| 🔹 Pap Smear Test | गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं की जांच के लिए (जरूरत अनुसार) |
| 🔹 ब्लड शुगर और थायरॉइड टेस्ट | यदि लिकोरिया लंबे समय से है |
💊 इलाज (Treatment)
| कारण | इलाज |
| 🔹 फंगल इन्फेक्शन (Candidiasis) | ऐंटिफंगल क्रीम या टैबलेट जैसे Clotrimazole |
| 🔹 बैक्टीरियल इन्फेक्शन | एंटीबायोटिक्स जैसे Metronidazole या Tinidazole |
| 🔹 ट्राइकोमोनास संक्रमण (STD) | Metronidazole टैबलेट और पार्टनर का भी इलाज |
| 🔹 घरेलू उपाय | नीम पानी से सफाई, दही का सेवन, त्रिफला का प्रयोग |
🍎 लिकोरिया में क्या खाएं और क्या न खाएं?
✔️ खाएं:
- दही और छाछ (प्रोबायोटिक)
- त्रिफला, गिलोय, आंवला
- नारियल पानी, बेल का शरबत
- हरी सब्जियाँ, मौसमी फल
- गर्म पानी पीना
❌ बचें:
- मसालेदार, तला हुआ और बासी खाना
- अधिक चीनी, मैदा, कोल्ड ड्रिंक
- बहुत ठंडा पानी या आइसक्रीम
🏃♀️ लिकोरिया में एक्सरसाइज और योगा
- कपालभाति प्राणायाम
- अनुलोम-विलोम
- सुप्त बद्धकोणासन (Supta Baddha Konasana)
- भुजंगासन (Cobra Pose)
- वज्रासन (भोजन के बाद)
👉 इनसे पाचन सुधरता है और जननांग अंगों की रक्त आपूर्ति बेहतर होती है।
📌 विशेष सुझाव:
- अगर लिकोरिया 1 हफ्ते से ज़्यादा समय से बना हुआ है या बदबू/खुजली/जलन है तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।
- बार-बार संक्रमण हो तो गर्भाशय और हार्मोन की जांच कराएं।